Bandar Aur Gilhari ki kahani In Hindi ( बन्दर और गिलहरी )

आज हम आपके साथ Bandar Aur Gilhari ki kahani शेयर करने वाले है

और इस कहानी से आपको बोहोत कुछ सीखने को मिलेगा |

Bandar Aur Gilhari ki kahani

 

Bandar Aur Gilhari ki kahani -बंदर और गिलहरी की कहानी

 

पुराने दिनों की बात है एक बन्दर था जो हमेशा पेड़ पर बैठा रहता था उसकी पूछ बोहोत लम्बी थी | तभी एक गिलहरी आयी और उस बन्दर की पूछ में बैठकर झूलने लगी उसको बोहोत मजा आ रहा था उसको लगा की ये कोई झूला है पर बन्दर को बोहोत ज्यादा गुदगुदी हो रही थी |

बन्दर ने निचे देखा और गिलहरी से कहा हस्ते हुए की मुझे गुदगुदी हो रही है | गिलहरी ने कहा मुझे नहीं पता था की ये आपकी पूछ है में तो इससे झूला समझकर झूल रही थी | फिर उसके बाद गिलहरी और बन्दर की दोस्ती हो जाती है |

एक बंदर और गिलहरी की कहानी | Gilhari Aur Bandar| Bandar Aur Gilhari ki kahani

 

Moral  : इस कहानी से हमे ये शिक्षा मिलती है की हमे मिलजुलकर रहना चाहिये |

 

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